“जो होता है अच्छे के लिए ही होता है” हमारे जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती है जहां पर हम यह सोचते हैं की ये सब हमारे साथ ही क्यों हो रहा है, और हम टूटने की कगार पर आ जाते हैं। अगर उस समय हमे यह समझ में आ जाए की जो हो रहा है भविष्य में हमे उसका स्कारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। ये कहानी वैसे ही एक शख्स की है जिनका यही मानना है की हमारे जीवन में जब भी मुश्किलें आती हैं वही हमे मजबूत बनाती है और हमारा चरित्र निर्माण करती है। कुनाल शर्मा, 26 वर्ष की आयु में ही अपने माता पिता को खो दिया, 0.23 मार्क्स से JE की final merit list से नाम चूका पर फिर भी अपनी इच्छाशक्ति और मेहनत से SDO class one gazzeted officer के मुश्किल exam को crack किया।
“Kunal Sharma SDO
From Arki, Solan HP”
Early Life and Education
परिचय ~ मेरा नाम कुनाल शर्मा है और मै सहायक अभियंता (SDO) के पद पर HPPTCL, PIU फोजल्, कुल्लू मे तैनात हूं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि –
स्वर्गिय मदन शर्मा (पिताजी ,Contractor)
स्वर्गिय मनोरमा शर्मा(माताजी, गृहणी)
सथायी पता –
V.P.O.-भुमती ,तहसील -अर्की ,ज़िला -सोलन
शिक्षा – मेरी प्रारम्भिक शिक्षा शिमला मे DAV Tutu and BSN Chakkar से हुई उसके बाद मैंने आगे की शिक्षा GSSS भुमती से कि जहां से 2013 में +2 Non Med से करने के बाद मैंने Indo Global Collage ,Chandigarh से B.Tech (civil engineering ) कि पढ़ाई की।
स्कूल मे मै औसत दर्जे का विद्यार्थी था जिसका मकसद 70%से ऊपर रहना होता था और इसमें मै हमेशा सफल भी रहा पर पढ़ाई से ज्यादा मै Badminton मे ध्यान देता था जो आज मुझे ठीक भी लगता हैं क्योकि हमें हमेशा पढाई के साथ साथ Extra curricular activities पर भी ध्यान देना चाहिए क्यूंकि ये संपूर्ण विकास के लिए बेहद ज़रूरी है।
An Unwanted Nightmare
वर्ष 2015 तक तो सब ठीक था और मेरी भविष्य की योजना College खत्म होने के बाद विदेश में settle होने का था जो उस उम्र मे बहुत से बच्चों का होता है। किंतु कहते है न आपको नही पता आपकी Destiny आपको कहा लेकर जा रही है, उस दौरान हमे अचानक पता लगा कि मेरे पिता जी की दोनों Kidney खराब है ,ये बात किसी पहाड़ टूटने से कम् नहीं थी और 11 महीने बाद उनका देहांत हो गया।
मेरे पिता जी ने शुरुवात् मे कई सरकारी ठेके लिए और सरकारी घूसखोरी प्रथा से परेशान आकर उन्हूने सरकारी काम लेना बंद कर दिया शायद यही कारण रहा की उन्होंने मेरी माता से अंतिम दिनों मे वचन लिया की मेरे बेटे को सरकारी ऑफिसर बनाना है।
Life after College
बहरहाल 2017 मे मैंने कॉलेज खत्म किया और घर के हालात देखते हुए प्राइवेट नौकरी की सोची जहां बहुत मुश्किल के बाद मुझे एक नौकरी मिली जिसमें चार(4) महीने काम करने के बाद भी मुझे कोई salary नहीं मिली फिर मेरी माताजी के समझाने पर मै घर वापिस आया और जनवरी 2018 से मैनै तैयारी शुरू कर दी।
तैयारी मे भी मुझे शुरूआत मे थोड़ा Material को लेकर तनाव था क्योकि मेरे जानने मे कोई ऐसा था नहीं जिसने पहले मेरी Field की तैयारी की हो तो Guidence की भरपूर कमी रही और जब लगा कि बहुत गलत ट्रैक पर हूँ तो सोलन में Coaching join कर ली। जिसके बाद ही मै सही track पर आ पाया पर इस phase से मै ये ज़रूर सीख पाया की अगर आप तैयारी कर रहे हो तो Guidence और सही Study material बहुत ज़रूरी है ।
And the journey of failures begin
नवंबर 2018 मे मैंने अपना पहला एग्जाम दिया जिसके लिए मैने जी जान लगा कर तैयारी की थी। वर्ष 2018 में PWD JE Post code 695 का पेपर दिया और इसकी लिखित परीक्षा मे सफल भी रहा इस रिजल्ट ने मेरे आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दिया, इससे पहले तक मुझे खुद पर विश्वास नहीं था पर इस रिजल्ट के बाद इतना हो गया था की ये हो सकता है तो और भी हो सकते हैं परंतु Documentation के बाद Final result मे B.Tech walo को बाहर कर दिया था और इसके बाद कोई एग्जाम भी नहीं था और ऊपर से कोरोना आ गया इस समय मेरा मनोबल टूट गया था और कोरोना काल मे मैं एक अक्षर भी नहीं पढ़ पाया ।
Journey of failures continues
कोरोना काल के बाद JE के कुछ पेपर आए और मै फिर से मनोबल बना कर तैयारी में लग् गया और इस बार इस सोच के साथ बैठा की 1 पोस्ट भी हो तो सिर्फ मेरी हो।
इसी बीच ही 695 PWD JE revise हो कर आया जिसमें B.tech वाले भी allow थे और उसमें भी Final waiting list में मेरा 0.23 से रह गया साथ ही JE (iph,hppcl,elec.board ) ke रिजल्ट भी आगये इन तीनों exams मे कुछ नंबर कम होने की वजह से यहाँ भी रह गया
एक के बाद एक असफलताएं अब भविष्य को लेकर डर पैदा कर रही थी पर आगे SDO के 3 एग्जाम थे तो मैंने सोचा की भविष्य की चिंता इन एग्जाम के बाद ही करूंगा।
Either I win or lost
अब मैने अपना सारा ध्यान SDO के exams पर लगाया। इसमें पहले PWD SDO का result आया जिसमें मेरा नहीं हुआ और margin यहाँ भी बहुत कम था जिसका दुःख तो बहुत हुआ ।
मैंने December 2021 SDO HPPTCL का पेपर लिखा और इसके कुछ समय बाद ही मेरी माताजी को कैंसर Detect हो गया जो की अन्तिम चरण मैं था मैंने भी तैयारी छोड़ दी इसके बाद उनकी सेवा मे रहा इसी बीच 27 March को मेरा रिजल्ट आया और मै Personal interview के लिए चुन लिया गया पर इसी बीच मेरी माता जी का देहांत भी 28 may 2022 को हो गया।
अब मुझे इतना यकीन हो गया था की जितना मेरे दुःख का quota था वो पूरा हो गया है और इससे बुरा अब कुछ नहीं हो सकता है। 5 जुलाई को मेरा Personal interview hua और 7 जुलाई को मेरा result आ गया जिसमे अंततः मेरा चयन SDO के पद पर HPPTCL में हुआ।
मै ज़िन्दगी मे हारा बहुत पर जीता पहली बार था और इस जीत के आगे सब हार छोटी हो गई ।
Feelings at the time of the Result
ये सपना मुझसे कहीं ज्यादा मेरे माता पिता का था और मुझे खुशी है कि मै ये पूरा कर पाया और जिस दिन रिजल्ट आया वो मेरी ज़िन्दग़ी का एक और टर्निंग पॉइंट था जिसने मुझे ये यकीन दिला दिया कि “लहरों से डर के नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालोंं कि कभी हार नहीं होती”। रिजल्ट देखने के बाद मैं खुश तो था पर दुखी कहीं ज्यादा था क्योंकि जिनकी वजह से मैं ये मुकाम हासिल कर पाया वो ये दिन देखने के लिए मेरे साथ नही थे।
Prepration statergy
मेरा मानना है की नींद के साथ कोई Compromise नही करना चाहिए, कम से कम 6 घंटों की नींद लेना अनिवार्य है। सोलन मे Library सुबह 5 बजे खुलती थी और मै meditation में विश्वास करता हूं तो मै सुबह 4 बजे उठता था। मुझे ये perfect समय लगता हैं तैयारी करने वालोंं को उठने के लिए ,
स्टूडेंट्स को study breaks की value समझनी चाहिए ये बहुत जरूरी है। यही breaks आपको बिना तनाव ग्रस्त हुए लंबे समय तक पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है
Revision पर बहुत ही ज्यादा फोकस होना चाहिए हमें जब तक किसी टॉपिक से नफरत ना हो जाए तो उसको revise करना चाहिए।
For Civil engineering Aspirants= 1.Books recommendation -1.IES previous year (by made easy or IES master)
2.youth publications A.E
3.GATE previous Years paper (made easy)
4.Civil booster handbook
5.Textbook app
और जितना हो सके MCQs का अभ्यास करना चाहिए क्योंकि आप चाहे जितनी मर्जी theory पढ़ लो पेपर में MCQs ही आयेंगे।
Piller of strength
यूँ तो इंसान हमेशा ही कमजोर होता हैं और उसे कोई ना कोई चाहिए जो push करें आगे बढ़ने के लिए मेरे जीवन में ये काम मेरी माता जी ने किया बहुत से मौके आए जब मै हार मान् चुका था पर उन्होंने मुझे हमेशा रुकने से रोका और आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित किया। अगर मुझसे ज्यादा मेरी सफलता का श्रेय किसी को जाता हैं तो वह मेरी माता जी श्रीमती मनोरमा शर्मा है पर दुर्भाग्यवश मेरे परिणाम से एक महीने पहले ही उनका देहांत हो गया था।
मेरी माता जी के इलावा मेरे परिवार के अन्य सदस्यों का भी मुझे भरपूर सहयोग मिला और जब दुनिया मुझे मेरे decision के खिलाफ दिखती थी तो मेरा परिवार ही मेरी ढाल बनके आगे खड़ा था जिसका मुझे आज बहुत गर्व होता हैं।
A message to all –
Focus one thing at a time and give it your best shot after that forget about its result and shift the focus to next goal
Just repeat the process
Untill you get the success
और कोई भी निर्णय लेने से पहले ये जरूर सोचो की इस निर्णय से आने वाला कल कैसा होगा। अल्प समय के लिए खुशी देने वाले हर उन निर्णयों से उचित दूरी बनाकर रखें।
सभी को भविष्य की शुभकामनाएं।😊

